मन की शांति कहा ?
09:57
आज के इस वक़्त मे सब अशांत है ,किसी के पास किसी के लिए वक़्त कहा हम सब अपने निजी कार्य मे कुछ इस कदर व्यस्त है -
एक को दो और दो को चार करने में, हमे इस बात का ज्ञात नही की हम अपनी सारी जिंदगी जिस चीज़ के पीछे खर्च कर रहे है उससे हमे शांति मिलेगी या नही मिलने वाली पर फिर भी हम अपनी सारी जिंदगी उसी में बिता देते है, जब वक़्त आता है तब हमे इस बात का ज्ञात होता है, की हमे आज तक शांति नहीं मिली क्योंकि हम खुद को आजतक । एक को दो और दो को चार करने में लगे थे , और हमारी सोच ये थी की हम पैसे से सारी ख़ुशी खरीद सकते है पर ऐसा होता नही । असली ख़ुशी मन की ख़ुशी होती है ।
अगर मेरी बातो से लगे की में गलत केह रहा हू तो आप "शमशान घाट" (जहाँ मुर्दो को जलाया जाता है ) वहा जा के एकांत कुछ देर बैठ जाओ आप के दिल - दिमाग में एक ही प्रश्न आएगा , एक दिन आपके साथ भी यही होना है , जिस सुंदरता के पीछे भाग रहे थे , जिस के लिए सब कर रहे है वो सारी चीजे यही तक के लिए है हमारे साथ कुछ भी नही जाने वाला बस यहाँ कुछ रह जाएँगी तो आपकी यादें
एक को दो और दो को चार करने में, हमे इस बात का ज्ञात नही की हम अपनी सारी जिंदगी जिस चीज़ के पीछे खर्च कर रहे है उससे हमे शांति मिलेगी या नही मिलने वाली पर फिर भी हम अपनी सारी जिंदगी उसी में बिता देते है, जब वक़्त आता है तब हमे इस बात का ज्ञात होता है, की हमे आज तक शांति नहीं मिली क्योंकि हम खुद को आजतक । एक को दो और दो को चार करने में लगे थे , और हमारी सोच ये थी की हम पैसे से सारी ख़ुशी खरीद सकते है पर ऐसा होता नही । असली ख़ुशी मन की ख़ुशी होती है ।
अगर मेरी बातो से लगे की में गलत केह रहा हू तो आप "शमशान घाट" (जहाँ मुर्दो को जलाया जाता है ) वहा जा के एकांत कुछ देर बैठ जाओ आप के दिल - दिमाग में एक ही प्रश्न आएगा , एक दिन आपके साथ भी यही होना है , जिस सुंदरता के पीछे भाग रहे थे , जिस के लिए सब कर रहे है वो सारी चीजे यही तक के लिए है हमारे साथ कुछ भी नही जाने वाला बस यहाँ कुछ रह जाएँगी तो आपकी यादें